शिक्षाप्रद कहानी : दूसरों के भरोसे काम अधूरे रह जाते है

एक बार एक चिड़िया ने गेंहू के खेत में अपना घौंसला बनाया, कुछ समय बाद उसनें उस घौंसले में ही अंडे दिए और थोड़े दिनों में ही उनमें से बच्चे निकले। अब चिड़िया और उसके बच्चे घौंसले में आराम से रह रहे थे।  चिड़िया रोज दूर जंगलों में जाती और और अपने बच्चों के लिए दाना लाती, इस दौरान पूरा दिन बच्चे भी घौंसले में अकेले ही रहते और अपनी माँ का इन्तजार करते की कब वो आएगी और उनको खाना खिलाएगी।  जब शाम को चिड़िया लौटती तो बच्चे उसे देखकर बहुत खुश होते।

एक दिन जब चिड़िया दाना चुग कर घर लौटी तो देखा बच्चे खुश होने की बजाय बहुत ही डरे हुए है, पूछने पर बच्चे घबराते हुए बोले की किसान आया था उसने कहा की अब हम अपना आशियाना कहीं और देख ले, उसकी फसल तैयार हो चुकी है और वह कल अपने बच्चों को इसे काटने के लिए भेजेगा। माँ कल जब उसके बच्चे फसल काटने आएँगे तो हमारा घर भी टूट जाएगा अब हम कहाँ जाएंगे ?

चिड़िया ने अपने सहमें हुए बच्चों को समझाया की डरो नहीं बच्चों, कल फसल नहीं कटेगी, चिंता मत करो।  अगले दिन सच में फसल काटने कोई नही आया और घौंसला सुरक्षित ही रहा। चिड़िया के बच्चे खुश हो गए और फिर से बेफिक्र हो कर खेलने लगे।

लेकिन 2 दिन बाद ही जब चिड़िया दान चुग कर घर लौटी तो बच्चे फिर डरे हुए थे, चिड़िया ने पुछा अब क्या हुआ? तो बच्चों ने बताया की किसान आज भी आया था और उसने बोला की बेटे नहीं आये तो क्या हुआ कल मैं फसल काटने अपने मजदूरों को भेजूंगा, आज तुम्हारा यहाँ आखिरी दिन है।  चिड़िया ने फिर बच्चों को सांत्वना दी की डरने की जरुरत नहीं है कल भी फसल नहीं कटेगी।  और सचमुच उस दिन भी फसल काटने कोई नही आया।  बच्चे फिर से बेफिक्र होकर खेलने लगे।

कुछ दिन बीत गए, फिर एक दिन शाम को बच्चे डरे हुए थे पूछने पर बच्चों ने बताया की किसान फिर आया था और उसने कहा की दूसरों के भरोसे फसल कटने में बहुत देर हो गयी।  कल मैं खुद ही फसल काटने आऊंगा।  यह सुनते ही चिड़िया अपने बच्चों को लेकर फ़ौरन दूसरे घौंसले में ले गयी, जो उसने पास ही में इन 5-6 दिनों में कड़ी मेहनत से तैयार कर लिया था।  बच्चों ने घर बदलने की वजह पूछी तो चिड़िया ने बताया की कल फसल जरूर कटेगी इसलिए हम सुरक्षित स्थान पर आ गए।   अगले दिन बच्चों ने देखा की किसान सचमुच फसल काट रहा है और देखते ही देखते उनका पुराना घौंसला भी टूट गया।

बच्चों ने तुरंत अपनी माँ से पुछा की तुमने कैसे जाना की आज फसल जरूर कटेगी?  चिड़िया ने बच्चों को बताया की जब इंसान किसी काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहता है तो वह काम या तो कभी होता ही नही है या सही समय से बहुत देर में होता है।  और जब इंसान किसी काम को करने की खुद ठान लेता है तो वह काम अवश्य ही पूरा होता है।  किसान जब फसल काटने के लिए दूसरों पर निर्भर रहा तो फसल नहीं कटी, पर जब किसान ने खुद काटने का फैसला लिया तो फसल को कटना ही था।

असल जिंदगी में ही ऐसा ही है, हमें खुद का काम जितना संभव हो सके खुद ही निपटाने का संकल्प लेना चाहिए दूसरों के भरोसे काम के सही समय पर पूरे होने की सम्भावना कम हो जाती है।  दूसरों के भरोसे काम करने से हमारी काम करने की क्षमता भी कम होती जाती है और जब दूसरों से मदद नही मिलती तो हमारा मनोबल भी टूटता है, आत्मविश्वास में कमी आती है और अंत में उस काम को करने की इच्छा खत्म हो जाती है।

खुद के काम की शुरुआत जब आप दृढ़ निश्चय के साथ खुद करेंगे तो आपमें उत्साह भी पूरा होगा, आप संतुष्ट भी रहेंगे और सीखेंगे भी बहुत कुछ, इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

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