इन तरीकों से रखिये अपनी रिलेशनशिप को स्ट्रांग

अपने पार्टनर के साथ रिलेशनशिप में आने के बाद दोनों में ही थोड़े बदलाव आते है और दिनचर्या और सोच सब कुछ बदल सी जाती है एक दूसरे के लिए थोड़े कॉन्शियस हो जाते है थोड़े पजेसिव हो जाते है।
लेकिन रिलेशनशिप में होने पर कई बार ऐसे मोड़ आ जाते है ऐसी छोटी छोटी बातें हो जाती है जिनसे आपकी रिलेशनशिप खतरे में पड़ जाती है और आप परेशान रहने लगते है।
लेकिन छोटी बातों को ध्यान में रख कर हम ऐसी किसी भी परेशानी से बच सकते है –

बातचीत अक्सर हर समस्या का समाधान होती है क्योंकि बात कर के आप चीज़ों को सॉर्ट आउट कर सकते है और समस्या को आसानी से समझ कर उसका समाधान कर सकते है चाहे कुछ हो जाये आप दोनों की बातचीत बंद नहीं होनी चाहिए क्योकि यही वो जरिया है जो सारे गेप मिटा देता है और आप दोनों को करीब रखता है
अगर कोई मिसअंडरस्टॅंडिंग हो गयी है या आपको उनकी या उनको आपकी कोई बात पसंद नहीं आई है तो चुप चाप उसे अपने तक ना रखे इससे दूरिया बढ़ने का डर हमेशा रहेगा। इसीलिए बातचीत कीजिये हर बात पर बात कीजिये आप दोनों के बीच कोई बात मन में नहीं होनी चाहिए जितना ओपन रिलेशनशिप रहेगा उतना लॉन्ग लास्टिंग होगा।  किसी भी प्रकार का शक होने पर किसी भी प्रकार की बेचैनी होने पर तुरंत उनसे बात कर चीज़ें निपटा लें अक्सर बातचीत न करने पर मन मुटाव होने लगते है और रिश्ते टूट जाते है। कम्युनिकेशन में बहुत ताकत है यह समझिए।

रिलेशनशिप में हम थोड़े ज्यादा ही सजग और सावधान रहते है इसीलिए कई बार गलतियां कर बैठते है ऐसा नहीं कीजिये थोड़ी सी समझदारी दिखाइए
बिना कुछ सोचे बिना सारी बात जाने कोई ऐसी बात मत कह दीजिये या कोई ऐसा कदम ना उठा लीजिये जिनसे आपके पार्टनर को बुरा लग जाये पहले स्तिथि को पूरी तरह समझिए उसके बाद ही कोई कदम उठाइये लेकिन उसके पहले अपने साथ को पूरा मौका दें की वे आपको स्तिथि समझाए लेकिन किसी तीसरे व्यक्ति की वजह से कभी अपने साथी से कभी लड़ाई मत कीजिये वे लोग आते ही इसीलिए है ताकि आपका रिश्ता टूट जाए और वे फायदा उठा लें
इसीलिए ऐसी स्तिथि में थोड़ा समझदारी से काम लीजिये।
सिर्फ फोन पर बात करने से ही बात पूरी तरह नहीं बनेगी आपको मीटिंग्स भी बढ़ानी पड़ेगी एक दूसरे के साथ रहना पड़ेगा।  वीक में 2 या 3 बार तो जरूर मिलें और लम्बी बातचीत करें कहीं घूमने चले जाएँ ऐसा करने से एक दुसरे को समझने का वक़्त मिलेगा और नजदीकियां बढ़ेगी जिससे भरोसा बढ़ेगा। आपको अपने पार्टनर की आदतों को समझने का भी मौका मिलेगा जिससे आगे आपको किसी प्रकार की ग़लतफ़हमी नहीं होगी।
हमेशा आगे बढ़ने की कोशिश करें किसी भी पुरानी गलती या पुरानी बातों को लेकर बार बार झगड़ना या डिस्कशन करना बेकार है।  बुरी चीज़ों को वहीँ छोड़ दें और आगे का फ्यूचर प्लान करें क्योंकि आपको आगे भविष्य में जीना है और खुश रहना है। 

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