सच्चाई से आत्मविश्वास आता है और काम बन जाते है

सत्य दब सकता है पर पराजित नहीं हो सकता है।  और सच बोलने से आत्मविश्वास आता है और बिगड़े काम भी बन जाते है। 
एक बार स्कॉटलैंड में प्रजा ने राजा के विरुद्ध विद्रोह कर दिया था तब राजा ने सभी विद्रोह कर रहे लोगों को बंद बनवा दिया और सेनापति को हुक्म दे डाला की सभी को गोली से उड़ा दिया जाए।
सारे विद्रोहियों को लाइन में खड़ा कर दिया गया और मौत का तांडव हो गया शुरू। सेनापति एक के बाद एक को गोली से उड़ाते जा रहे थे उस लाइन में एक 14 साल का बच्चा भी था सेनापति ने उसे देखा वह बहुत ही मासूम सा लग रहा था सेनापति को लगा उसे बहकाया गया होगा उन्हें उस पर दया आ गयी।
और उस बच्चे से कहा की यदि तुम हमसे माफ़ी मांग लो और आगे से ऐसा नहीं करने की कसम खाओ तो हम तुम्हारी सजा कम कर देंगे और मृत्युदंड नहीं देंगे।
लेकिन बच्चे में माफ़ी मांगने से साफ़ इंकार कर दिया और कहा हमने जो किया सही किया।

सेनापति ने उसे फिर भी पूरे एक दिन का समय दिया और कहा तब तक वह अपने किसी करीबी से मिलना चाहता है तो मिल आये और एक दिन पूरा होते ही वापिस  यहीं आ जाये और अपना फैसला सुना दे।
वह लड़का भागता हुआ अपनी माँ के पास गया।  माँ बेहोशी की हालत में अकेली पड़ी थी क्योंकि उसके इकलौते लड़के को मौत आने वाली थी।  लेकिन अपने लड़के को देखते ही वो फूली नहीं समायी और उसने उसे गले से लगा लिया उसे लगा लड़का वापिस आ गया है उसकी सजा माफ़ हो गयी है।  लेकिन एक दिन पूरा होते ही वादे के मुताबिक वह वापिस जाने लगा तो माँ को  सारी बात बताई। माँ ने लाख रोका की कहीं और भाग जाये या माफ़ी मांग लें पर वह समय पूरा होते ही सेनापति के सामने हाजिर हो गया और कहा सेनापति में क्षमा नहीं मानूंगा आप मेरी जान ले सकते है।
सेनापति हैरान हो गया पहले तो उसे उसके लौट आने की कोई उम्मीद नहीं थी लेकिन बच्चे की सच्चाई से वह बहुत प्रभावित हुआ और उसने उसकी सजा माफ़ कर दी।  क्योंकि सत्य से एक अच्छे चरित्र का निर्माण होता है और आपमें आत्मविश्वास आता है जिससे अच्छे अच्छे कठोर दिल भी बदल जाते है  और प्रभावित होते है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.