खाना खाते समय आप नही रखते होंगे इन बातों का ध्यान, पढ़िए शास्त्रों में क्या लिखा है

यूँ तो खाना सभी खाते है लेकिन सही तरह से खाया गया खाना ही शरीर को लाभ पहुंचाता है, आजकल की बिजी शैली में लोग खाने को भी एक काम समझकर निपटाने लगे है, ऐसे में जाने अनजाने में हम अन्न का तिरस्कार या अपमान भी कर बैठते है। और ऐसा करना कई तरह से हमें ही नुक्सान पहुंचाता है। भोजन को हिन्दू धर्म में देवता माना गया है।
शास्त्रों में खाना खाने के कुछ नियम बताये गए है, जानिए –

– भोजन कभी भी एकदम भरपेट नही करना चाहिए, भूख से हल्का सा कम खाया भोजन शरीर को फायदा पहुंचाता है, जबकि फुल पेट भोजन करने से आलस्य सहित और बीमारियां होने का खतरा रहता है।
– भोजन हमेशा पूर्व और उत्तर दिशा की और मुँह करके ही ग्रहण करना चाहिए कहा जाता है ये दोनों ही दिशाएं भोजन करने के लिए शुभ मानी गयी है
दक्षिण में मुंह करके कभी नही खाना चाहिए इसे पूर्वजों से जोड़ा गया है और ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है साथ ही पश्चिम में मुंह करके खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता समाप्त होती है।
खड़े होकर और पलंग पर बैठकर भोजन कभी नही करना चाहिए भोजन करने की सबसे अच्छी अवस्था जमीन पर आसान बिछा कर आराम से बैठ कर होती है।
– खाना खाते ही तुरंत कभी नही सोएं और ना ही खाने के बाद ज्यादा मात्र में पानी पीना चाहिए
करीब आधे घंटे तक पानी नही पीने से भोजन अच्छी तरह से पच जाता है और पूरा लाभ मिलता है।
– आपकी थाली में भोजन डाला जा चुका है तब आप भोजन की बुराई कतई ना करें, ऐसा करने से भोजन ( अन्न) का अपमान होता है व् तब भोजन करने पर उसका लाभ आपको कभी नही मिल पाता। भोजन हमेशा ख़ुशी ख़ुशी करें।
– स्वयं खाना खाने से पहले प्रार्थना करें – सभी भूखे व्यक्तियों को भोजन प्राप्त हो, और अन्न देवता का ध्यान करें।
– आपने बहुत सुना होगा भोजन करते समय बात नही करनी चाहिए, जी हाँ ये बात सही है खाना खाते समय बात करने से पाचन क्रिया पर दुष्प्रभाव पड़ता है .
– यदि को आपको बिना मन के भोजन डाले या नाखुशी से भोजन डाले तो उसे कभी नही खाना चाहिए
– खाना खाने से पहले अपने हाथ, पैर और मुँह को धोएं और फिर खाना खाना चाहिए
– दीन भावना से क्रोध से डर से , गर्व से कभी भी भोजन नही करना चाहिए ऐसे किया गया भोजन कभी नही पचता है।  भोजन हमेशा सहज हो कर करें ..
– हो सके तो गाय, कुत्ते और कौवे की रोटी पहले निकाल दें फिर खाना प्रारम्भ करें
– खाना सदैव चबा चबा कर खाना चाहिए।

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