गणेश चतुर्थी पर भूलकर भी ना देखें चाँद! लग सकता है कलंक | Don’t see Moon on Ganesh Chaturthi

गणेश चतुर्थी पर सबसे ध्यान रखने वाली बात जो आपको नहीं करनी चाहिए कि चाँद के दर्शन ना करें। Ganesh Chaturthi पर चाँद को देखना वर्जित है ऐसा करने से झूठा चोरी का आरोप लगने या कलंक लगने का डर रहता है, ऐसी मान्यता है ।

Ganesh Chaturthi को कलंकी चौथ भी कहा जाता है, ऐसा इसीलिए क्योंकि इस दिन चन्द्रमा के दर्शन पर सख्त पाबन्दी होती है। वैसे तो सभी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को चाँद देखने की मनाही है लेकिन खास तौर पर भाद्र शुक्ल चतुर्थी को इसे देखना वर्जित है ।

गणेश चतुर्थी पर क्यों नहीं देखना चाहिए चाँद :

ऐसी मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण पर ‘सूर्यकांत मणि’ की चोरी का झूठा कलंक लगा था। पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन चन्द्रमा को अपने रूप का अभिमान हुआ था और उसने गणेश जी को देख कर उनका अपमान कर दिया था।

इसी कारण गणेश जी ने श्राप दिया कि आज से तुम काले हो जाओ और जो भी आज के दिन तुम्हारा मुख देखेगा, वह भी कलंक का पात्र होगा।

इससे क्रोधित हो भगवान् गणेश ने चन्द्रमा को श्राप दिया की आज से तुम काले हो जाओगे, और आज के दिन जो भी तुम्हारा मुंह देखेगा वो भी कलंक का भागी बनेगा।

चन्द्रमा ने तब गणेश जी को शांत करने और प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा की और लड्डुओं का भोग लगाया। तब गणेश जी ने कहा की श्राप पूरी तरह से समाप्त नहीं हो सकता,

ताकि चाँद को अपनी गलती हमेशा याद रहे और लोगों को भी सबक मिल जाये की किसी के स्वरुप का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। इसलिए तब से सिर्फ भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन जो भी चन्द्रमा को देखेगा उसे झूठा कलंक लगेगा।

Ganesh Chaturthi के दिन गलती से चाँद देखने पर क्या करें?

यदि गलती से चाँद देख लिया जाये तो सूर्यकांत मणि की चोरी की कथा सुनने से इसका असर कम हो जाता है ऐसी मान्यता है ।

क्योंकि इस दिन का चाँद बहुत ही सुन्दर होता है अतः देखने की इच्छा रखने वाले हाथ में फल या दही लेकर इसके दर्शन कर सकते है ऐसा करने से कलंक नहीं लगता है, ऐसी भी मान्यता है। और जो लोग भाद्रपद मास के हर दिन ही चन्द्रमा का दर्शन करते है वो भी श्राप के प्रभाव से मुक्त रहते है।

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