रक्षाबंधन की शुभकामनाएं | Rakhi ki shubhkamnaye, Raksha bandhan ki hardik shubhkamnaye aur badhai

Happy raksha bandhan

सबसे पहले आप सभी को भाई बहन के पवित्र प्यार भरे त्योंहार रक्षाबंधन की शुभकामनाएं और बधाई। रक्षा बंधन भाई बहन के प्यार को दर्शाने वाला हिन्दुओं का प्यार भरा त्योंहार है जो की भारत और नेपाल मनाया जाता है, इस दिन हर बहन अपने भाई को माथे पर तिलक लगाकर, कलाई पर धागा बांधती है जिसे रक्षासूत्र कहा जाता है जिसे अब राखी के नाम से जाना जाता है। इस दिन सभी अपनों में Rakhi ki shubhkamnaye  भरे Message भेजते है, इसीलिए हम आपके लिए लिख रहे है बहुत ही प्यारी Raksha bandhan wishes in hindi. जिन्हे आप अपने भाई, बहन या मित्रों के साथ शेयर कर सकते है और उन्हें wish  कर सकते है Happy Raksha Bandhan.

Raksha bandhan ki shubhkamnaye aur badhai | रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

rakhi ki shubhkamnaye aur badhai

कच्चे धागे से बनी पक्की डोर है राखी,
प्यार और मीठी शरारतों की होड़ है राखी,
भाई की लम्बी उम्र की दुआ है राखी,
बहन के प्यार का पवित्र रिश्ता है राखी।
रक्षा बंधन की शुभकामनाएं


आया है एक जश्न का त्योंहार,
जिसमें होता है भाई बहन का प्यार,
चलो मनाएं रक्षा का ये त्योंहार
रक्षा बंधन की शुभकामनाएं


साथ पले और साथ बढे हैं
खूब मिला बचपन में प्यार
भाई-बहन का प्यार बढ़ाने
आया है राखी का त्यौहार
रक्षा बंधन की शुभकामनाएं


सारे जहाँ में सबसे जुदा भाई बहन का प्यार होता है,
गंगा की तरह पावन, निर्मल, रेशम के धागे में विश्वास होता है।
रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं


Rakhi ki Shubhkamnaye message, sms and wishes in hindi

राखी का त्यौहार है, हर तरफ खुशियों की बौछार है,
बंधा एक धागे में भाई बहन का अटूट प्यार है ,
राखी की शुभकामनाएं


चन्दन का टीका, रेशम का धागा,
सावन की सुगंध, बारिश की फुहार,
भाई की उम्मीद, बहना का प्यार,
मुबारक हो आपको ये रक्षा बंधन का त्यौहार


रिश्तों की धूम में यह है सबसे अनोखा संबंध,
भाई बहन के रिश्ते को जो बनाये अनूठा बंधन,
यही है वो निराला त्यौहार, रक्षा बंधन
Happy Raksha Bandhan


रक्षा बंधन मनाने के पीछे इन पौराणिक कथाओं को भी माना जाता है

जब गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह ने चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया, तब वहां की रानी कर्णावती जो की विधवा थी को अपने राज्य को सुरक्षित बचाने की चिंता सताने लगी, ऐसे में उन्होंने हुमायूं से मदद मांगी, उन्होंने हुमायूं को एक राखी भेजी और अपनी रक्षा की प्रार्थना की। राखी मिलते ही हुमायूं ने भी उन्हें बहन का दर्जा देते हुए उनकी रक्षा की। तभी से भाई बहन के इस रिश्ते को राखी बांधकर निभाने की परंपरा चली आ रही है।

इसके अलावा एक धार्मिक कथा और भी है, जब असुरों के राजा, बलि ने 110 यज्ञ ख़त्म कर लिए तो देवों को चिंता होने लगी की बलि, धरती के साथ साथ स्वर्ग पर भी कब्ज़ा जमा लेंगे, ऐसे में वे सभी भगवान् विष्णु के पास अपनी दुविधा लेकर गए, तब प्रभु ने एक युक्ति सोची और ब्राह्मण का रूप धारण कर बलि से भिक्षा में तीन पग जमीन मांगी, बलि की सहमति के बाद विष्णु जी अपने बड़े अवतार में आये और एक पग में धरती और एक पग में स्वर्ग नाप लिया, और बलि को स्वर्ग और धरती से वंचित कर दिया।
ऐसे में राजा बलि रसातल में रहने को बाध्य हो गए लेकिन उन्होंने अपनी पूजा से भगवान् विष्णु को भी वहां उनके साथ रहने का आग्रह किया जिसे विष्णु जी मान गए। लेकिन विष्णु जी की पत्नी लक्ष्मी जी की चिंता इससे बढ़ गयी। ऐसे में लक्ष्मी ने बलि के हाथ में राखी बांधकर उन्हें भाई बना लिया और उपहार में भगवान् विष्णु को मांग लिया, तब जाकर विष्णु जी रसातल से आजाद हुए। तभी से रक्षा बंधन का त्योंहार मनाने की प्रथा चलने लगी। और हर बहन अपने भाई को इस रिश्ते को बरकरार रखने के लिए राखी बांधती है और बदले में भाई अपनी बहन की सदा रक्षा करने के लिए बाध्य रहता है।

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