क्या आप दुखी आत्मा है ? पहचाने इन 10 आदतों से …

दुनिया में आपको तरह तरह के लोग मिल जायेंगे कुछ खुश मिजाजी होते है तो कुछ मूडी होते है कुछ रोमांटिक होते है कुछ ग़ुस्सैल होते है सबका अपना अपना एक स्टाइल होता है।पर कुछ लोगो को एक स्पेशल कैटगरी में डाला गया है ऐसे लोग हमेशा दुखी रहने वाले होते है वे अलग से ही दिख जायेंगे परेशान से अलग थलग से ऐसे लोगो  को कोई भी बात ख़ुशी नही दे सकती ये ऐसे लोग होते है जो इतने नकारात्मत होते है जो चाँद में छुपी ख़ुशी नही देख पाते लेकिन उस पर लगा दाग सबसे पहले देखते है।हँसियेगा नही ऐसे लोगो को शोक और ग़मगीन माहौल ही भाता है ऐसे लोग सिर्फ दुखी वाले गाने सुनना पसंद करते है ऐसे लोगो से ही दोस्ती करना पसंद करते है जो उनकी ही तरह दुखी और परेशान हो ये लोग सिर्फ दूसरों की सहानुभूति लेकर जीवित रहते है।

आइये जानते है कैसे होती है ऐसे लोगो की पहचान : ऐसे लोग किसी चीज़ का शुक्रिया अदा नही करते है ये दुखी आत्मा टाइप लोग कभी किसी अच्छे होने की ख़ुशी नही मानते है कभी शुक्रिया नही बोलते है इन्हे सिर्फ ज़िंदगी से और आसपास की चीज़ों से हमेशा शिकायत ही रहती है अगर ऐसे लोग जो भी उन्हें मिला है या मिल रहा है उसका शुक्रिया अदा करना सीख जाएं तो इनकी ख़ुशी हजार गुना बढ़ सकती है लेकिन इन्हे समझाए कौन ?

लाइफ बहुत बोर है : अक्सर ये कहते मिल जायेंगे की उनका जीवन नीरस भरा और बहुत बोर है वे कभी पार्टी एन्जॉय नही करेंगे और किसीकी ख़ुशी में शामिल नही होंगे ऐसे लोग कभी खुद को चेंज नही करेंगे बल्कि दूसरों को भी खुद के जैसा ढालने की कोशिश में लगे रहते है। ये लोग अपना टाइम पास टीवी देख कर या फिर बोरिंग सी कोई किताब पढ़ कर करते है जिसमें कोई एक्ससाइटिंग नहीं होता है।

पास्ट का रोवना रोते है : दुखी आत्मा टाइप लोग अपने अतीत को कभी नही छोड़ते ये ऐसे लोग होते है जो शायद ठान लेते है की इन्हे ज़िंदगी में आगे ही नही बढ़ना है वे सिर्फ अतीत में जो बुरा उनके साथ हुआ है उसकी रट लगाये बैठे रहते है वे अतीत की बुरी यादों को याद कर के और दुखी होते रहते है और अपने आप को कोसते है ऐसे लोग प्रेजेंट में सिर्फ अपने आप को दुखी पाते है क्योकि उन्होंने पास्ट में बुरा किया है।
ये लोग आपको कहते हुए मिल जायेंगे की उन्हें कभी दूसरों की तरह खुशियां नही मिली अच्छी बातें उनके साथ नही घटी और वे दूसरो की तरह खुशनसीब नही है, समझ जाइयेगा ये दुखी आत्मा है।
अपनी ख़ुशी अपना फायदा : कहते है की खुशियाँ बांटने से बढ़ती है लेकिन ऐसे लोग अपनी ख़ुशी सिर्फ अपने से ही शेयर करते है वे किसी से अपनी ख़ुशी का इजहार नही करते है ऐसे लोग सिर्फ अपना फायदा पहले देखते है अगर आप इनके मन में झांके तो पाएंगे ये कह रहे है बाकि सब जाये भाड़ में मैं कितने फायदे में रहूँगा ये बताओ।
पैसों का डर : आप माने या न माने ऐसे लोग आपको मिल ही जायेंगे इन्हे नौकरी में दिलचस्पी हो या न हो पर ये नौकरी छोड़ेंगे कभी नही क्योकि ये ज़िंदगी भर साहस और जोखिम उठा ही नही पाते ऐसे लोग लालची प्रवृति के होते है।

बेमतलब अपने करीबियों से लड़ने का बहाना ढूँढ़ते है वे सोचते है की उनका करीबी मित्र या परिवार का कोई सदस्य जिससे वे लड़ने पे आमद है उस पर सहानुभूति लुटाएगा और उसे प्यार देगा लेकिन ऐसे लोगो के साथ भी होता उल्टा है लोगो की सहानुभूति ले लिए जो लड़ाई स्टार्ट करते है तो उलटे इन्हे लड़ाई ही मिलती है लोग भी इनपर सिर्फ चिल्लाते ही है और ये और दुखी हो जाते है।

इनकी नजर में दूसरा ही दोषी होता है सारी गलती हमेशा दूसरों की ही होती है ये कभी अपनी गलती नही स्वीकारते है क्योंकि इनमें हार झेलने की हिम्मत बाकि नही रहती है और इसीलिए ये जिम्मेदारियों से भागते है और इसीलिए गलती का इल्जाम दूसरों पर मढ़ देते है।
कोई समझाए तो इनका अपमान है :– ये दूसरों के सुझाव उनके कोई कमेंट्स हमेशा नेगेटिव तरीके से ही लेते है ऐसे लोग सोचते है की उन्हें नीचे दिखाया जा रहा है और उसके आस पास के लोग सब उसे नीचे दिखाना चाहते है और उससे चिढ़ते है। दुखी लोगों की नजर में सब उनका बुरा ही चाहते है।
वे हमेशा उदास बने रहना चाहते है : 
दुखी आत्मा टाइप लोग चाहते है की उन्हें देखने मात्र से ही लोग उनकी स्तिथि का अंदाज़ा लगा ले और इसीलिए वे सिर्फ उदास ही बने रहना चाहते है ऐसे लोग चाहते है की दुःख और उदासी उनकी ज़िंदगी का एक हिस्सा बन जाये।

दूसरों की ज़िंदगी का हिस्सा बनना चाहते है : सोचते है की सब लोग मुझसे साड़ी बातें शेयर करें और उनकी हर बात में मेरा जिक्र हो।  वे सोचते है की उनके आस पास के लोग सिर्फ उसकी ही बातें करते है और उसकी बुराई कर रहे है। ऐसे लोग सभी से सहानुभूति बटोर के उनकी ज़िंदगी का हिस्सा बनना चाहते है .. तो अगर आप में ये आदते है या आपके आस पास इस तरह का व्यवहार करने वाला मित्र है तो वह दुखी आत्मा की श्रेणी में आता है।

 

You might also like

Leave A Reply