अपने पैशन को जीने में आते है ये चैलेंज

दुनिया का हर इंसान चाहता है की वो जो चाहता है वो काम करे।   जैसा उसका दिल करता है वैसा करे और जिस काम में उसका मन लगता है जो उसका पैशन है उसे ही वो अपना प्रोफेशन बनाये।  और मजा भी उसी में ही है वो कहते है न एक ही ज़िंदगी मिली है खुल के जियो अपने दिल की सुनो।
लेकिन अक्सर यह इतना आसान नहीं होता है।  कई ऐसी परेशानियां या चैलेंज  आते है जो आपको अपने मन मुताबिक काम को करने से रोकते है और फिर हम उसी रास्ते पर चल देते है जो हमें मजबूरी में थमा दिया जाता है। और हम ज़िंदगी के अंतिम पड़ाव में पछताते है की थोड़ी हिम्मत कर ली होती तो सारी ज़िंदगी कुछ और हो सकती थी। चैलेंजेज आएँगे और ऐसे डिसीजन लेना थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन ऐसे अकेले आप ही नहीं है जो दिल की सुन तो रहे है पर कर कुछ नहीं रहे है ऐसे बहुत से लोग और भी है जो फेस करते है ऐसे चैलेंजेज –

घरवालों का विरोध – सबसे पहले तो आपकी इच्छाओं को दबाने का काम अपने घरवाले ही करते है हालांकि इसमें उनका कोई दोष नहीं क्योंकि वे आपका सिर्फ भला ही चाहते है इसीलिए डरते है की कहीं आप गलत राह पर चले गए तो ज़िंदगी बर्बाद ना हो जाये।
जब आप अपने दिल के मुताबिक कोई काम चुनते है तो घरवालों को शक होता है की ये भविष्य के लिए सही फैसला है या नहीं उनके दिमाग में कई तरह के सवाल घुमते है की आप सफल होंगे भी या नहीं आपका भविष्य सुरक्षित होगा भी या नहीं और इसी कश्मकश में  वे आपको आपके मनमुताबिक काम करने को रोकते है और भेज देते है किसी सिक्योर फील्ड में भविष्य बनाने फिर चाहे आपका मन हो या ना हो। ऐसे में दबे नहीं और ना ही हारें।
अपने आप पर भरोसा रखें और घरवालों को यकीन दिलाएं की आपका भविष्य कैसे सुरक्षित होगा और आप खुश रहेंगे।
उन्हें आप जो करना चाहते है उसके बारे में विस्तार से समझाएं अक्सर घरवालों को आधा अधूरा ज्ञान होता है इसलिए उन्हें फायदे बताएं और चल दें अपने मन की राह।

साथ वाले दोस्त क्या कर रहे है – अक्सर हम भी अपने दोस्तों की राह ही निकल पड़ते है क्योंकि वे कुछ ढंग का कर रहे है और उन सबका फ्यूचर सिक्योर हो जाएगा दोस्त लोग तो अपने अपने हिसाब से अपनी फील्ड चुन लेते है और हम रह जाते है फिर घरवालों का प्रेशर और समय की कमी ऐसे में हम अपने दिल  की सुन ही नहीं पाते और किसी सेफ से फील्ड की और रुख कर लेते है। आपको भी दोस्तों के आएगे निकल जाने का  डर सताता है कोई डॉक्टर कर रहा है कोई एम बी ऐ।  और में ये क्या कर रहा हूँ मुझे  भी ऐसा ही कुछ कर लेना चाहिए।  बस ये सोच हमे हमारे मनपसंद काम को करने से दूर ले जाती है।

पैसा नहीं होता तो पीछे हट जाते है – आप जो काम करना चाहते है जिसे करने में आपको मजा आता है वह जरुरी नहीं लुक्रेटिव हो उसमें ज्यादा पैसा हो पर आपको पैशन को जीने का मौका मिलेगा।  आप ज़िंदगी को बेहतर जी पाएंगे याद है थ्री इडियट का वह सीन जब माधवन अपने पापा को कन्विंस करता है की मुझे फोटोग्राफर बनना है घर छोटा होगा गाडी छोटी होगी पर में खुश रहूँगा।  पैसे से ज्यादा बढ़कर ख़ुशी और संतुष्टि है दोस्तों इसीलिए सिर्फ पैशन को जीयो।

ज्यादातर की हम अपना फोकस भी अपने पैशन से धीरे धीरे हटाने लगते है और फिर हमें लगने लगता है की यह हमारा पैशन है भी या नहीं हम कंफ्यूज हो जाते है और फाइनली एडजस्ट कर बैठते है। थोड़ा इन्तेजार करे और प्लान बनाये और कोशिश करें की आप अपने दिल की सुने। 

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