दूसरों के लिए आईएएस की नौकरी तक छोड़ दी इस शख्स ने, पढ़िए इनकी कहानी

कुछ करने  का जूनून इंसान को आईएएस बनाता है और दूसरों के लिए कुछ करने का जूनून इतनी बड़ा पद प्रतिष्ठा भी छुड़वा देता है।
ऐसा ही कुछ उदहारण पेश किया है रोमन सैनी ने जिन्होंने कड़ी मेहनत से मात्र 22 साल की उम्र में पहले ही एटेम्पट में आईएएस क्लियर कर डाला और  देश के सबसे युवा आईएएस अफसरों में अपना नाम अंकित करवाया।
लेकिन उन्होंने देश के एजुकेशन के हालात को देखते हुए अपनी सिविल सर्विस को भी छोड़ने का फैसला लिया।  क्योंकि देश में कई बच्चों को शिक्षा उपलब्ध नहीं हो पाती इसीलिए उन्होंने अनअकेडमी नाम से एक ऑनलाइन एजुकेशन स्टार्टअप शुरू किया है जो लोगों को क्वालिटी एजुकेशन प्रोवाइड करवाएगा।
उन्होंने अनअकेडमी नाम का यूट्यूब चैनल भी बनाया है
वे जल्द ही एप्प भी लांच करेंगे जिसपर टीचर अपने शिक्षा सामग्री खुद बना उसपर शेयर भी कर सकते है।

रोमन ऐसे पहले इंसान है जिन्होंने बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए अपनी आईएएस की नौकरी तक छोड़ दी है और इसी त्याग को देखते हुए उन्हें पीएमओ से न्योता भी आया है पीएमओ के स्टार्टअप प्रोग्राम में शामिल होने का।

रोमन पहले डॉक्टर बन  रहे थे लेकिन उन्हें एहसास हुआ की डॉक्टर बनकर देश के हालत को बदलना मुमकिन नहीं है क्योकि एक डॉक्टर देश के हालत पूरी तरह नहीं बदल सकता और तब उन्होंने आईएएस बनने की ठानी। 
उन्होंने बताया की ये आईडिया उन्हें बहुत पहले आया था जब वे खुद टयूशन पढ़ने जाते थे की सभी बच्चों को अच्छी टयूशन क्यों नहीं मिल सकती और इसीलिए उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बना डाले अब तक वे दस लाख वीडियो शेयर कर चुके है जिससे लाखों बच्चों को फायदा हुआ है

उन्होंने बताया की आईएएस छोड़ने का डिसीजन बहुत मुश्किल था लेकिन एक अच्छी एजुकेशन देश के हर कोने में पहुंचे तो ही समाज अच्छा हो सकता है और और बदलाव आ सकता है इसीलिए उन्होंने ये स्टार्टअप शुरू किया है।
वह रमन सैल्यूट आपके इस जज्बे को।

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